मुझे मोहब्बत में ही कभी बर्बाद कर दिया।
कुछ रिश्ता अधूरा रह जाए तो अच्छा है, कम से कम तन्हाई में उसका एहसास तो होता है।
तू पास होता तो हम मुस्कुरा देते, अब तो मुस्कान भी तुझसे रूठ गई है।
कोई दिल के करीब आकर भी दूर चला जाता है, और कोई दूर रहकर भी दिल के करीब होता है।
शब्दों में जो बात नहीं, वो एहसास क्या है।
अब कोई आए या ना आए, हमें आदत हो गई है अकेलेपन की।
मैं तुझे भी रुला दू तेरे सितम सुना सुना कर…!
और हम बेवकूफ़, उन्हें दुआओं में याद रखते हैं।
अब तुझसे कुछ नहीं कहना, बस तेरा नाम भी दिल से मिटा दिया है।
लेकिन अब तुमसे दूर होना और भी मुश्किल हो गया है…!!!
हमने तो बस मोहब्बत की थी खुद से ज़्यादा
फिर तुझे ढूंढने मेरी आँख के आँसू निकले.
जो हमने खो दिया, वो तो कभी लौटकर नहीं आया,
कभी-कभी खुद को Sad Shayari ही खो देता हूँ, तेरी यादों में डूबकर।